Sunday, 15 September 2019

Deshbhakti Shayari


Bharatmata Ke Liye Mar Mitna Kabool Hai Mujhe,
Akhand Bharat Banane Ka... Junoon Hai Mujhe.

भारतमाता के लिए मर मिटना कबूल है मुझे,
अखंड भारत बनाने का... जूनून है मुझे।

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“लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका कल आगाज आयेगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाऐगा
मैं रहूँ या ना रहूँ पर ये वादा है तुमसे मेरा कि,
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा”

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Yahin Rahunga Kahin Umr Bhar Na Jaunga,
Zameen Maa Hai Ise Chhod Kar Na Jaunga.

यहीं रहूँगा कहीं उम्र भर न जाउँगा,
ज़मीन माँ है इसे छोड़ कर न जाऊँगा।

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“आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे
बची हो जो एक बूंद भी लहू की
तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे”

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Teen Rang Ka Nahi Vastr, Ye Dhvaj Desh Ki Shaan Hai,
Har Bhartiy Ke Dilo Ka Svabhimaan Hai,
Yahi Hai Ganga, Yahi Hai Himalay, Yahi Hind Ki Jaan Hai
Aur Teen Rangon Mein Ranga Hua Ye Apna Hindustaan Hai.

तीन रंग का नही वस्त्र, ये ध्वज देश की शान है,
हर भारतीय के दिलो का स्वाभिमान है,
यही है गंगा, यही हैं हिमालय, यही हिन्द की जान है
और तीन रंगों में रंगा हुआ ये अपना हिन्दुस्तान हैं।

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ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये….

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Vatan Ki Khaak Zara Ediyaan Ragadne De,
Mujhe Yaqeen Hai Pani Yaheen Se Niklega.

वतन की ख़ाक ज़रा एड़ियां रगड़ने दे,
मुझे यक़ीन है पानी यहीं से निकलेगा।

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“न पूछो ज़माने को, क्या हमारी कहानी है,
हमारी पहचान तो सिर्फ ये है, की हम सिर्फ हिन्दुस्तानी हैं”

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Lahoo Vatan Ke Shaheedon Ka Rang Laaya Hai,
Uchhal Raha Hai Zamane Mein Naam-E-Aazadi.

लहू वतन के शहीदों का रंग लाया है,
उछ्ल रहा है ज़माने में नाम-ए-आज़ादी।

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“शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पे मर मिटने वालों का बाकी यही निशां होगा”

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Bharatmata Tumhen Pukare Aana Hi Hoga,
Karz Apne Desh Ka Chukana Hi Hoga,
De Karake Kurbani Apni Jaan Ki,
Tumhe Marna Bhi Hoga Maarna Bhi Hoga.

भारतमाता तुम्हें पुकारे आना ही होगा,
कर्ज अपने देश का चुकाना ही होगा,
दे करके कुर्बानी अपनी जान की,
तुम्हे मरना भी होगा मारना भी होगा।

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“अनेकता में एकता ही इस देश की शान है,
इसीलिए मेरा भारत महान है”

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Dil Se Niklegi Na Mar Kar Bhi Vatan Ki Ulfat
Meri Mitti Se Bhi Ḳhushbu-E-Wafa Aaegi

दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की नफरत,
मेरी मिटटी से भी खुशबू-ए-वफ़ा आयेगी।

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“खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैं,
मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं,
करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों,
तुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है”

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Mere Mulk Ki Hifazat Hi Mera Farz Hai
Aur Mera Mulk Hi Meri Jaan Hai,
Is Par Kurbaan Hai Mera Sab Kuchh,
Nahi Isse Badhkar Mujhko Apani Jaan Hai.

मेरे मुल्क की हिफाज़त ही मेरा फ़र्ज है
और मेरा मुल्क ही मेरी जान है,
इस पर कुर्बान है मेरा सब कुछ,
नही इससे बढ़कर मुझको अपनी जान है।

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“जो अब तक ना खौला, वो खून नहीं पानी है,
जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी है
जिंदगी जब तुझको समझा, मौत फिर क्या चीज है
ऐ वतन तू हीं बता, तुझसे बड़ी क्या चीज है”

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Main Apne Desh Ka Hardam Samman Karta Hun,
Yahan Ki Mitti Ka Hi Gunagaan Karta Hun,
Mujhe Dar Nahin Hai Apani Maut Se,
Tiranga Bane Kafan Mera, Yahi Armaan Rakhta Hun.

मैं अपने देश का हरदम सम्मान करता हूँ,
यहाँ की मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे डर नहीं है अपनी मौत से,
तिरंगा बने कफ़न मेरा, यही अरमान रखता हूँ।